1.शरीर में जमा विषाक्त पदार्थों को निकालता है
2.रक्त संचार में सुधार करता है
3.जोड़ों और मांसपेशियों की अकड़न को कम करता है
4.त्वचा की बनावट में सुधार करता है
5.तनाव कम करता है
शरीर को आराम देता है
अभ्यंग
1.रक्त संचार बढ़ाता है
2.मांसपेशियों को मजबूत बनाता है
3.शरीर से अशुद्धियों को दूर करने में मदद करता है
4.त्वचा को मुलायम और चिकना बनाता है
5.सहनशक्ति बढ़ाता है
उझिचिल
1.तंत्रिका संबंधी विकार
2.चिंता
3.अनिद्रा
4.उच्च रक्तचाप
5.मानसिक तनाव
6.सिरदर्द
7.यात्रा का तनाव
उद्वर्तन
1.रक्त प्रवाह को उत्तेजित करना
2.शरीर को स्फूर्ति प्रदान करना
3.त्वचा की बनावट और रंगत में सुधार करना
4.लचीलेपन में सुधार करना
5.त्वचा संबंधी समस्याओं में कारगर
6.वजन घटाने में सहायक
पैरों की मसाज
1.आराम प्रदान करें
2.रक्त संचार बढ़ाएं
3.मांसपेशियों को आराम दें
4.दृष्टि में सुधार करें
तलापोथिचिल
1.माइग्रेन से राहत
2.मनोदैहिक रोगों का उपचार
3.मानसिक बीमारियों से राहत
4.उच्च रक्तचाप और अनिद्रा से राहत
5.सिरदर्द और साइनस का उपचार
6.शरीर विषहरण





आयुर्वेदगृह शिरोधारा एक क्लासिक आयुर्वेदिक चिकित्सा है, जिसमें औषधीय तेल या औषधीय काढ़े को धीरे-धीरे माथे पर टपकाया जाता है। यह चिकित्सा जागरूकता की एक विश्राम अवस्था उत्पन्न करती है, जिसके परिणामस्वरूप मनोदैहिक संतुलन प्राप्त होता है। शिरोधारा उपचार में गहन स्वास्थ्य, मानसिक स्पष्टता और समझ का अनुभव होता है आयुर्वेदिक उपचार
आयुर्वेदगृह में इतनी शक्ति है कि बड़ी से बड़ी बीमारी को भी ठीक किया जा सकता है। में भोजन और समय को सबसे अहम माना जाता है, जो शरीर में वात, पित्त और कप को बैलेंस करता है। शरीर में अगर वात, पित्त, कफ का संतुलन बिगड़ जाए तो बीमारियां परेशान करने लगती है। ऐसे में दिमाग और मन को शांत करने के लिए शिरोधारा असरदार थेरेपी है। शिरोधारा दो शब्दों शिरो और धारा से मिलकर बना है, जिसमें सिर पर किसी तरल पदार्थ की धारा बहती है। शिरोधारा पारंपरिक आयुर्वेदिक उपचार पद्धति है, जिसका इस्तेमाल आयुर्वेद में हजारों सालों से किया जा रहा है। जानिए शिरोधारा किन चीजों से की जाती है और इससे क्या फायदे मिलते हैं?
शिरोधारा थेरेपी के फायदे
तनाव दूर- जिन लोगों को तनाव अधिक रहता है उन्हें शिरोधारा थेरेपी जरूर करवानी चाहिए। इससे तनाव को कम करने में मदद मिलती है। शिरोधारा में दिमाग की नसों आराम मिलता है जिससे मन और शरीर भी रिलेक्स होता है। इससे स्ट्रेस हार्मोन कम होता है और तनाव दूर होता है।
अच्छी नींद- दिमाग रिलेक्स होने और तनाव दूर होने से आपको अच्छी नींद आती है। आयुर्वेदगृह इस थेरेपी से कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल कम हो जाता है जिससे गहरी और अच्छी नींद आती है। दिमाग शांत रहता है।
ध्यान केन्द्रित करने में मदद- इस थेरेपी को कराने से मन और दिमाग में एकाग्रता की क्षमता बढ़ती है। जिससे आप किसी भी चीज पर अच्छा फोकस कर पाते हैं। घबराहट और बेचैनी में भी राहत मिलती है।
वात-पित्त बैलेंस होगा- शरीर में जब वात या पित्त दोष बढ़ने लगता है तो शिरोधारा थेरेपी काफी फायदेमंद साबित होती है। इसके किस तरल पदार्थ को चुना जाएगा ये मरीज की स्थिति समझकर ही निर्णय लिया जाता है।
सिर दर्द में राहत- जिन लोगों को अक्सर सिर में दर्द या माइग्रेन की समस्या रहती है उनके लिए शिरोधारा थेरेपी लेना बहुत अच्छा माना जाता है। इससे दिमाग शांत होता है और सिरदर्द की समस्या भी कम होती है। आंखों को भी रिलेक्स मिलता है।
थकान दूर- अगर आपको बहुत थकान हो रही है। आयुर्वेदिक उपचार घंटों कंप्यूटर पर काम करना पड़ता है तो आयुर्वेदगृह शिरोधारा थेरेपी का सहारा ले सकते हैं। इससे मांसपेशियों के दर्द को कम किया जा सकता है। हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।) आयुर्वेदिक उपचार